बिहार में इस साल मार्च से मई के बीच बढ़ेंगी आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं
पटना
सूरज के तल्ख तेवर से बिहार में काल बैशाखी का कहर हर साल से इस बार ज्यादा बढ़ सकता है। अधिकतम तापमान के लगातार सामान्य से ऊपर बने रहने की स्थिति से वायुमंडल में नमी की कमी होती जा रही है। धरती अभी से तपने लगी है ऐसे में पुरवा हवाओं का प्रभाव बढ़ते ही नमी का प्रवाह होगा और ऐसे में इस प्री मानसून सीजन में आंधी तूफान की घटनाएं बढ़ने के आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विवेक सिन्हा का कहना है कि परिस्थितियां अलार्मिंग नहीं हैं लेकिन लगातार बढ़ते तापमान ने यह संकेत जरूर दिया है कि इस सीजन में थंडरस्टॉर्म एक्टिविटी हर बार से थोड़ी ज्यादा रहेगी।
रविवार से दक्षिणी भाग में पुरवा हवाओं का प्रभाव
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से यह पूर्वानुमान किया गया है कि राज्य के दक्षिणी भाग में पुरवा हवाओं का प्रभाव अगले 24 घंटों में बढ़ेगा। इससे नमी का प्रवाह इन इलाकों में बढ़ने के आसार हैं। ऐसे में दिन के पहले आधे भाग में वायुमंडल में ताप बढ़ेगा लेकिन नमी की मात्रा का साथ मिलते ही आंधी तूफान की स्थिति बनेगी। मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने जैसी घटनाएं भी संभावित हैं।
सूबे में हर साल होता है बड़ा नुकसान
राज्य में प्री मानसून सीजन यानी मार्च से मई के बीच कालबैशाखी के कहर से हर साल जन धन की भारी क्षति होती है। आकाशीय बिजली से असमय मौत की घटनाओं में बढ़ोतरी होती है, वहीं आंधी-तूफान से आम औ लीची जैसे फसलों को भी नुकसान होता है। इधर मौसम विभाग की ओर से संभावित स्थिति को देखते हुए पहले से सटीक पूर्वानुमान की तैयारी की जा रही है।

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